Saturday, 19 March 2016

पहाड़ को काटकर बनाया बहुत खूबसूरत घर 12 साल में


अमरीका के सैन इसिड्रो डी परेज जेलेडन के रहने वाले एक व्यक्ति ने 12 साल लगातार मेहनत करने के पश्चात पहाड़ के अंदर गुफा नुमा घर का निर्माण करा। इस घर के अंदर 3 बेडरूम, 1 डाइनिंग रूम और आलीशान घर में मिलने वाली तमाम सुविधाएं मौजुद हैं। मैनुअल बैरेंटस नामक इस व्यक्ति का परिवार 2000 स्क्वायर फिट में बने इस घर में रहता हैं।



इस घर को ज्वालामुखी चटट्ानों को काटकर बनाया गया हैं। बैरेंटस से इस घर का नाम टोपोलान्डिया रखा हैं। इस घर के अंदर एक मेडिटेशन रूम भी बना हैं। हाल ही में इस घर की तस्वीरें एक फोटोग्राफर ने क्लिक की।


इस घर में स्केल्टन और अलग­-अलग रंग के कार्टून बने हैं। और इसके अलावा एक बड़ा डाइनिंग रूम बना हुआ है जिसमे सारा परिवार एक साथ बैठ कर आंनद ले सकते है मैनुअल ने इस घर को अब गेस्ट के लिए भी खोल रखा हैं। ताकि लौगो को पता चल सके की फावडे की मदद से उन्होने इतना सुंदर घर बना रखा हैं।

Thursday, 17 March 2016

प्रतिदिन सड़क पार कर के अपने मनपसंद खाने के लिए रेस्त्रां जाती हैं ये सील


क्या कभी आपने किसी जीव को पसंदीदा खाना खाने के लिए रेस्टोरेंट जाते देखा हैं कुछ ऐसा ही हुआ हैं आयरलैंड में एक मामला कुछ ऐसा ही सामने आया हैं सैम्मी नामक एक सील रोज अपना पसंदीदा सीफूड खाने के लिए बहुत ही सावधानी से सड़क पार करती हैं और रेस्टोरेंट तक जाती हैं।
उसे देखने के लिए वहां लौगो की काफी भीड़ लग जाती हैं वहीं कई बार लोग लाइटहाउस रेस्टोरेंट के पास सील के आने का इंतजार करते रहते हैं रेस्टोरेंट के मालिक भी उसको खाना दे देते हैं वैसे उसको पानी में वापस भेजना काफी मुश्किल होती हैं।
आज कल इस सील का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लौगो का कहना हैं की इस सील को स्थानीय वाइल्ड लाइफ अधिकारी को दे दिया जाना चाहिए इसकी जान को खतरा हैं सड़क पार करने के दोरान कभी भी दुर्घटना का शिकार हो सकती हैं।

Wednesday, 16 March 2016

यहां दीवारों पर उगती है सब्जियां जानने के लिये पूरी खबर पढ़े

अब आप अपने घर की दीवारों पर भी उगा सकते हैं सब्जियां और अनाज, पढ़ें क्या है तरीका


आपने खेतों में सब्जियां उगते तो देखा होगा और शायद उगाई भी होगी लेकिन आपने कभी दीवारो पर खेती करते किसी को देखा हैं ऐसा ही कुछ हुआ हैं इजरायल की एक कंपनी हैं ग्रीनवाॅल नाम की इस कंपनी के संस्थापक टिकाऊ व स्वतंत्र खाद्य उत्पादन की एक अनोखी पद्धति वर्टिकल गार्डन को बाजार में लाने की तैयारी कर रहे हैं।
इसके तहत बहुमंजिला इमारतों के लोग दीवारों पर चावल, मक्का और गेजूं सहित किसी भी फसल की खेती कर सकते हैं। वर्ष 2009 में स्थापित हुई इस कंपनी ने आधुनिक प्रौद्योगिकी का विकास किया है, जिसके तहत इमारतों के अंदर और बाहर दोनों तरफ से दीवारों के साथ एक ऊंचे गार्डन की परिकल्पना की गई है। ग्रीनवॉल इसके लिए उपजाऊ मिट्टी उपलब्ध कराती है।

ऐसे उगती हैं दीवार पर सब्जियां
वर्टिकल प्लांटिंग सिस्टम के तहत पौधों को स्मॉल मॉड्युलर यूनिट में सघन रूप से लगाया जाता है। पौधे बाहर न गिरें, इसकी व्यवस्था की जाती है। इस पॉट को गार्डन की डिजाइन में बदलाव लाने या इसे रिफ्रेश करने के लिए निकाला या बदला भी जा सकता है। प्रत्येक पौधे को कंप्यूटर की सहायता से विशेष तरीके से पानी पहुंचाया जाता है। जब इन पौंधों पर अनाज उगने का समय होता है तो पॉट में तैयार इन हरित दीवारों को कुछ अवधि के लिए नीचे उतार लिया जाता है और उसे जमीन पर क्षैतिज रूप से रखा जाता है।

Tuesday, 15 March 2016

लंदन, मे जैम्स ग्रीन नामक एक व्यक्ति को चार फीट लम्बां चुहां मिला।


यह तस्वीर ना तो माॅफ्र्ड की हुई है न ही कोई कैमरे ट्रिक से ली हुई है यह चुहे का आकार असली में ही इतना बड़ा हैं

घरों या गोदामो में चुहो का दिखना आम बात सी हो गई हैं पर चुहों का आपने इतना बड़ा आकार नही देख होगा जिसकी लम्बाई चार फीट हैं ईस्ट लंदन में एक गैंस वर्कर जैम्स ग्रीन ने एक चार फीट लम्बंा चुहा ढुंढा जो छोटे चुहों को मारने के लिये डाला हुआ जहर खाकर मर चुका था। जब जैम्स ने चुहें को देखा तो उसने चुहें को फेकने से पहले अपने दोस्त से इसकी तस्वीर लेने के लिए बोला ताकि ये लोगों को बता सके और यकीन दिला सके कि हमने इसना बड़ा चुहा देख हैं।
अगर एक्सपट्र्स की माने तो यह गैम्बियन पाउच्ड रैट हो सकता हैं। इसको पाला जाता हैं यूनिवर्सिटी आॅफ हडर्सफील्ड के डाॅÛ हुई क्लार्क ने बताया कि इन चुहों की लंबाई चार फीट तक पहुंच जाती हैं और यह बहुत ही बुद्धिमान और चतुर होते हैं। इनकी नजर कमजोर होती हैं पर सुंघने की शक्ति ज्यादा तेज होती हैं। इनको खाने चावल और फ्राइड चिकन पसंद करते हैं।

Tuesday, 8 March 2016

पार्क में 30 शेरों के साथ रहता है। यह आदमी

दक्षिण अफ्रीका के केविन रिचर्ड्सन अपनी दिलेरी के कारण सुर्खियों में आए हैं, देखें अद्भुत तस्वीरें
शेर के सामने खड़े होने का साहस भी दिखा पाना जहां बेहद मुश्किल होता है, वहीं एक व्यक्ति ऐसा है जो दिन रात शेरों के साथ रहता है, वह भी एक दो नहीं पूरे 30 शेरों के साथ। दक्षिण अफ्रीका के केविन रिचर्ड्सन अपनी दिलेरी के कारण सुर्खियों में आए हैं। प्रिटोरिया में उन्होंने खुद ही वाइल्डलाइफ सेंचुरी शुरू की है और इसमेंं 30 शेर उनके खास दोस्त बन गए हैं


पर्यावरणविद् केविन दुनिया में शेर बचाने के अभियान से जुुड़े हैं और कई डॉक्यूमेंट्री के जरिए वे ये संदेश दे चुके हैं। हाल ही फोटोग्राफर एड्रियन स्टर्न ने उनकी शेरों के साथ अद्भुत तस्वीरें खींची हैं। इनमें केविन शेरों के साथ बेहद दोस्ताना अंदाज में नजर आ रहे हैं। ये तस्वीरें - हम अपनी अगली पीढ़ी को क्या देकर जाएंगे - अभियान का हिस्सा बनी हैं।

Wednesday, 2 March 2016

गजब! 46000 रुपए में क्यों बिका यह कंडोम

स्पेन में लगभग 200 साल पुराने एक कंडोम को 46000 रुपए में नीलाम किया गया। यह कंडोम भेड़ की आंतों से बनाया गया था। ऑनलाइन नीलाम किया गया यह कंडोम बेहद दुर्लभी है। ऐसे दुर्लभ कंडोम अब कुछ चुनिंदा म्यूजियम में ही देखने को मिलते हैं।
कुछ अंग्रेजी अखबारों में छपी खबर के मुताबिक यह कंडोम स्पेन के एक शहर में बक्से में मिला था। कैटाविकी में हुई इस नीलामी में लोगों ने इतनी रुचि दिखाई कि यह अनुमानित कीमत से करीब दोगुने दाम में बिका। इसे एम्सटर्डम के एक व्यक्ति ने खरीदा है। आपको बता दें कि फ्रांस में मिला एक 19 सेंटीमीटर लंबा कंडोम दुनिया का अब तक का सबसे महंगा कंडोम है।
बताया जाता है कि 200 साल पहले बहुत महंगा होने और बनाने में काफी समय लगने के कारण कंडोम को सिर्फ अमीर लोग ही इस्तेमाल किया करते थे। इस दौर में कंडोम आमतौर पर 15 सेंटीमीटर लंबे होते थे। 19वीं शताब्दी में रबर के सस्ते कंडोम बनाए जाने के बाद से भेड़ की आंत से बनने वाले ये कंडोम चलन से बाहर हो गए।

नासा के शोधार्थियों का कहना सर्वाधिक सूखे स्थान मंगल पर जीवन का संकेत

नासा के शोधार्थियों का कहना है कि अगर ऐसा ही वातावरण मंगल पर है, तो वहां जीवन संभव हो सकता है। मंगल ग्रह की तुलना में काफी गर्म होने के बावजूद इस क्षेत्र की मिट्टी का रसायन उल्लेखनीय रूप से मंगल ग्रह के समान है। नासा के अंतरिक्ष वैज्ञानिक डॉ. ब्रायन ग्लास के अनुसार, इस क्षेत्र में जीवन का पता लगाने के साधन लाना मुश्किल है। मंगल ग्रह के अनुरूप माहौल हमें मंगल पर जीवन की पूर्व और वर्तमान स्थितियों के आकलन में मदद करेगा।
मंगल ग्रह पर ठंडे और सूखे वातावरण की स्थितियां जीवन की मौजूदगी का वह सबूत दे सकती हैं, जिससे हमे पता चल सके कि सतह के नीचे जीवन संभव है, क्योंकि वहां विकिरण का प्रभाव कम होता है। लेकिन जब तक मानव लाल ग्रह पर कदम नहीं रखता है, तब तक हमें मंगल ग्रह की सतह के नीचे के नमूने प्राप्त करने के लिए रोबोटिक की मदद से उस संभावित स्थान की वर्तमान और पूर्व परिस्थितियों की पहचान करनी होगी। अमरीका, चिली, स्पेन और फ्रांस के 20 से अधिक वैज्ञानिक उच्च हवाओं के बीच बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों में इस परीक्षण को अंजाम दे रहे हैं।
मंगल ग्रह की परिस्थितियों के समान विश्व के सबसे सूखे स्थान पर स्थित नासा की प्रयोगशाला मंगल ग्रह पर जीवन का पता लगाने में मदद कर सकती है। चिली के एटाकामा रेगिस्तान में पानी की कमी है और पराबैंगनी विकिरण की अधिकता, जिससे यहां जीवन कठिन है। इस कठिन वातावरण में सूक्ष्म जीव पहाड़ों और चट्टानों के भीतर रहते हैं।
नासा के शोधार्थियों का कहना है कि अगर ऐसा ही वातावरण मंगल पर है, तो वहां जीवन संभव हो सकता है -