Tuesday, 29 March 2016

जापान में 14 साल बाद नजर आया विशालकाय जीव समुद्रफेनी


जापान की तोयामा में 14 साल बाद क्रिसमस के दिन एक विशालकाय समुद्रफेनी ;स्क्विडद्ध नजर आई तोक्यो। माना जा रहा है कि जापान इस अनोखे विशालकाय जीव का पसंदीदा सैरगाह है। सबसे पहले इस अनोखे जीव को 11 साल पहले 2004 में ओगासावारा द्वीप के पास देखा गया। इसके बाद 2012 में इसी इलाके में पहली बार विचित्र आकार वाली इस बड़ी समुद्रीफेनी को कैमरे में कैद किया जा सका था। एक चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक बेहद खतरनाक मानी जानी वाली समुद्रफेनी को एक साहसी डाइवर किमूरा आकीनोबू ने बेहद करीब से देखा।
एक चैनल को बताया उस जीव को करीब से देखने की मेरी जिज्ञासा डर से कहीं ज्यादा थी। समुद्रफेनी जीवित थी और स्वस्थ भी। जैसे ही मैं उसके पास पहुंचा उसने अपने थूथन से इंक छोडऩी शुरू की और अपनी दर्जनों सूढ़ें मेरे इर्द.गिर्द लपेटने की कोशिश करने लगी। मैंने उसे समुद्र की तरफ लाने की कोशिश की जो कि वहां से सैकड़ों मीटर दूर था। लेकिन वह गहरे समुद्र में गायब हो गई।
जानकारों ने समुद्रफेनी की तस्वीर देखकर बताया कि यह युवा समुद्रफेनी है जिसकी लंबाई करीब 12 फुट है। माना जाता है कि समुद्रफेनियां इसकी तीन गुना तक ज्यादा लंबाई की होती है। दुनिया में देखी गई अब तक की अकेली समुद्रफेनी डक्स को देखने के बाद वैज्ञानिकों ने दावा किया था कि इनकी लंबाई 60 फुट तक होती है।

शेर को इस छोटी बच्ची ने किया किस वायरल हुआ वीडियो फिर जानें क्या हुआ


चिडिय़ाघर में हुई इस घटना का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है यहां देखें चिडिय़ाघर में यह निर्देश साफ होते हैं कि आप जानवरों के बाड़े व पिंजरे से दूर रहकर ही उन्हें देखें।
नई दिल्ली। हाल ही एक बच्ची ने चिडिय़ाघर में शेर को किस किया लेकिन इसके बाद जो शेर ने किया उसके बारे में शायद इस बच्ची ने कभी नहीं सोचा था।
सोशल मीडिया पर इन दनों वायरल हो रे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे चिडिय़ाघर में बच्ची ने कांच के फ्रेम के पीछे से शेर को किस किया लेकिन यह शेर को किस कदर नागरवार गुजरा। शुक्र है शेर और बच्ची के बीच कांच की यह दीवार थी।

Monday, 28 March 2016

इस पिता ने 16 माह की बेटी से ही कर ली शादी, जानिए क्या थी वजह


बेशक खबर का शीर्षक पढ़ कर आप भी चौंक गए होंगे, लेकिन असली वजह जानकर आप भी भावुक हो जाएंगे। 31 साल के एंडी बर्नार्ड ने अपनी 16 माह की बेटी पॉपी माई से शादी कर ली। दरअसल पॉपी को ब्रेन कैंसर है और डॉक्टर्स ने कहा कि उसके जीवन के केवल दो दिन ही बचे हैं। हालात सेे मजबूर होकर पिता एंडी ने खुद ही बेटी से शादी कर ली।
रॉयल एयर फोर्स 27 स्क्वैड्रन रेजीमेंट में सर्विस कर रहे एंडी इंग्लैंड के नॉरफोक के रहने वाले हैं



पूरा करना था अपना वादा
रॉयल एयर फोर्स 27 स्क्वैड्रन रेजीमेंट में सर्विस कर रहे एंडी इंग्लैंड के नॉरफोक के रहने वाले हैं। एंडी ने बताया कि जब मुझे पता चला कि पॉपी हॉस्पिटल से घर आने वाली है तो मेरी आंखों में उसकी शादी का सपना था। कभी सोचा नहीं था कि यह इस तरह से होगा। हमारा दिल टूट चुका है। मैं प्रिंसेस को दिया वादा पूरा करना चाहता था। जैसी कल्पना की थी वैसा तो नहीं था, लेकिन यह उसका वैडिंग डे जरूर था।
पहले हुए किडनी में कैंसर फिर ब्रेन कैंसर
14 फरवरी को पॉपी की तबीयत बिगडऩे पर मां सैमी उसे डॉक्टर के पास ले गई। डॉक्टर ने कहा कि बेटी को किडनी में कैंसर हुआ है। फिर सीटी स्कैन में पता चला कि इन्फैक्शन फेफड़ों तक पहुंच गया है। इसके बाद कीमोथैरेपी शुरू की गई और पॉपी ठीक भी होने लगी, तभी 16 मार्च को पता चला कि उसे ब्रेन कैंसर भी है।


अब सच में परी बन जाएगी पॉपी
पॉपी की मां सैमी ने बताया कि इलाज में बेटी को तकलीफ न हो इसलिए हम उसे घर ले आए। पॉपी धीरे धीरे सुस्त पड़ती जा रही है। सैमी ने बताया कि मैंने अपने दोनों बेटों को समझाया कि हमेशा के लिए एक तारा बनने से पहले उनकी बहन पॉपी उनके साथ कुछ पल बिताने घर आ रही है। यह हम सब के लिए मुश्किल समय है। मैंने एक परी को जन्म दिया और अब वह सच में एक परी बन जाएगी। शादी की रस्मों के बाद पॉपी अपने पिता की गोद में ही सो गई। यह परिवार पॉपी के साथ बचे हुए अपने हर पल को पूरी तरह से इंजॉय करने में जुटा है। सैमी ने बताया कि मैं चाहती हूं कि लोग मेरी बेटी को याद रखें। मैं लोगों में इस बीमारी के प्रति जागरुकता फैलाने का काम करना चाहती हूं।

39000 रुपए में नीलाम हुआ यह नींबू, जानें क्या है खास


तमिलनाडु के वेलुपुरम जिले में एक नींबू 39000 रुपए में नीलाम हुआ है, जानें खासियत
विलुपुरम। बाजार से आपने नींबू तो कई बार खरीदे होंगे, लेकिन क्या कभी आपन इतने महंगे नींबू के बारे में सुना है। तमिलनाडु के वेलुपुरम जिले में एक नींबू 39000 रुपए में नीलाम हुआ है। ऐसा पांगुनी उतिराम त्योहार की एक रस्म के तहत हुआ है। यह रस्म हर साल पूरी की जाती है।
तिरुवन्नैनल्लुर के बालातंडेउतपनी मंदिर में 11 दिन के उत्सव के अंतिम दिन भगवान मुरुगन के भाले से लटकाए गए फलों को नीलाम किया जाता है। गांव वालों का मानना है कि जिसके पास भी यह फल होता है उसे समृद्धि मिलती है और जिस दंपती के पास यह फल होता है उसे संतान भी मिलती है।
इस नींबू को दंपती जयरामन और अमरावती ने खरीदा है। इस नीबूं के अलावा आठ नींबू और नीलाम किए गए और कुल मिलाकर ये 9 नींबू 57722 रुपए में नीलाम हुए।

Sunday, 27 March 2016

यहां होली पर अपने आप ही जलने लगती हैं लकडिय़ां, जानें क्या है रहस्य


इन लकडिय़ों को कोई चुराने की हिम्मत भी नहीं करता, आप भी जानें भारत में कहां है ये जगह
होलिका दहन पर आप सबने ही लकडिय़ां जलाई होंगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे देश में ही एक ऐसी जगह भी है जहां हर साल होली पर अपने आप ही लकडिय़ां जल उठती हैं। इंदौर में बागली से 8 किमी दूर जटाशंकर गांव के पास नयाखूंट के जंगल में ये जगह है।
यहां हर साल होली पर अपने आप आग लग जाती है और हजारों क्विंटल लकडिय़ां जलकर खाक हो जाती है। ग्रामीण इसे होली माल और होली टेकरी के नाम से पुकारते हैं। जंगल में इस जगह पर साल भर लोग अपनी इच्छा से लकडिय़ां डालते रहते हैं और होली के आते-आते ये लकडिय़ां हजारों क्विंटल तक पहुंच जाती हैं।
इसके पीछे मान्यता है कि जो व्यक्ति लकड़ी नहीं डालता, उसे परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हजारों क्विंटल ये लकडिय़ां चमत्कारी रूप से होली की रात में सुबह 4 से 5 बजे के बीच खुद ही जलने लगती हैं। इसके पास में ही नृसिंह भगवान का मंदिर है। लोगों का मानना है कि भूमि चमन ऋष्ज्ञि की तपोभूमि है। यहां से चंद्रकेश्वर व जटाशंकर की दूरी कम है और दोनों स्थान चमन ऋषि और जटायू की तपोभूमि होकर भगवान शंकर के प्राकृतिक जलाभिषेक तीर्थ हैं।
लोगों की मान्यता और तब बढ़ गई जब सारे जंगल में आग लग गई और इस जगह की सारी लकडिय़ां सुरक्षित रहीं। होली टेकरी की लकडिय़ों को जब हटाया गया तो वहां पिछले साल जली हुई लकडियों की राख दिखी। इन लकडिय़ों को कोई चुराने की हिम्मत भी नहीं करता।

Wednesday, 23 March 2016

वॉशिंग मशीन में बच्ची फंसी मशीन को आरी से काटकर जान बचाई


आधे घंटे की इस मेहनत के बाद किसी तरह बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला
बेंगलूरु। छोटे बच्चों को संभालना सच में मुश्किल काम है। एक मिनट आपकी नजर उनसे हटी नहीं कि वे किसी भी मुसीबत को न्यौता दे सकते हैं। हाल ही ऐसा एक मामला गुलबर्ग में सामने आया है। यहां दो साल की एक बच्ची वॉशिंग मशीन में फंस गई।
घबराए पेरेंट्स ने बच्ची को बाहर निकालने के लिए वॉशिंग मशीन को ही आरी से कटवा दिया। हाल ही इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। परिवार के लोग अपने काम काज में व्यस्त थे तबभी बच्ची खेलते खेलते मशीन के पास पहुंच गई। ढक्कन खुला होने के कारण बच्ची उसके अंदर गिर गई और फंस गई।
उसे निकालने का बहुत प्रयास किया गयाए लेकिन जब सब प्रयास विफल रहे तो मशीन को आरी से काटा गया। आधे घंटे की इस जद्दोजहद के बाद किसी तरह बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।

Monday, 21 March 2016

टूटी हुई घड़ी ने मालिक को किया मालामाल मिले 52 लाख रूपये


अगर आप एक टूटी हुई पुरानी घड़ी को बाजार में बेचने जाएं तो ज्यादा से ज्यादा इसके कितने रुपए मिल सकते हैं  आप सोचोगे 300 रुपए या 500 रुपए। इंग्लैंड के चेशायर में रहने वाले एक व्यक्ति ने भी केवल 500 पाउंड में इसके बिकने की सोची थी लेकिन इसकी जितनी कीमत लगी उसे देखकर यह खुद भी हैरान रह गया।
दरअसल टूटी हुई बंद पड़ी यह पुरानी कलाई घड़ी दूसरे विश्व युद्ध में इटालियन नेवी डाइवर्स की दी गई घड़ी निकली। इसे लाने वाले व्यक्ति को यह घड़ी अपने स्वर्गवासी पिता के घर की सफाई के समय ड्रॉअर में मिली थी जिसे बेचने के लिए वह इसे कार बूट सेल में लाया था यहां इस घड़ी की कीमत लगी 55000 पाउंड यानी कि करीब 5271584 रुपए।
इटालियन कंपनी पेनेराय की बनाई गई इस घड़ी को बिना स्टै्रप के और बंद मशीनरी के साथ बेचा गया। घड़ी का हैमर प्राइस 46000 पाउंड था जबकि इस पर तमाम फीस जोडऩे के बाद इसकी नीलामी जीतने वाले ने इसके लिए 55660 पाउंड चुकाए। यह घड़ी 1941 से 1943 के बीच बनाई गई 618 रॉलेक्स 17 रुबिस पेनेराय 3636 घडिय़ों में से एक थी।
यह घड़ी वॉटरप्रूफ थी और इसके बड़े डायल केस को अंधेरे में भी देखा जा सकता था। इसे रॉयल इटालियन नेवी को सप्लाई किया जाता था और इसे वे गोताखोर इस्तेमाल करते थे जिन पर ह्युमन टॉरपेडोस को ऑपरेट करने की जिम्मेदारी होती थी। ह्युमन टॉरपेडोस वह मिसाइल होती थी जिसे पानी के अंदर ही छोड़ा जाता था इस पर डिटैचेबल वॉरहैड होता था जिसे दुश्मन के जहाज पर टाइम्ड लिम्पेट माइन की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता था।
डाइवर्स इस मिसाइल को केवल रात में ही दाग सकते थे इसलिए ही इस घड़ी का डयर और डिजिट्स चमकदार बनाए गए थे ताकि अंधेरे में भी समय देखा जा सके। इस घड़ी को ऑक्शनीयर्स राइट मार्शल में नीयाल विलियम्स ने बेचा उन्होंने बताया कि जब इस घड़ी को उन तक लाने वाले व्यक्ति को इस बारे में बताया गया कि इसे 46000 पाउंड में बेचा तो वह अपने कानों पर भरोसा ही नहीं कर पाया।